नया Ration Card, ऑनलाइन भी बनवा सकते हैं

केंद्र सरकार : अगले तीन महीनों के लिए हर घर के प्रति व्यक्ति को 5 किलो अनाज और 1 किलो दाल मुहैया करा रही है. सरकार के इस फैसले से देश में कुल 80 करोड़ राशनकार्ड धारकों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा. सरकार ने कहा है कि अनाज और दाल लेने की यह लिमिट मौजूदा नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) के तहत मिलने वाली लिमिट के अलावा होगी. अगर आपको ऐसा भ्रम है की कुछ महीनों के बाद आपको राशन लेने के लिए नया कार्ड बनवाना होगा तो हम आपको बता दे कि ऐसा नहीं है.

पुराना राशन कार्ड है तो उन्हें नया राशन कार्ड नहीं बनवाना पड़ेगा

केंद्र सरकार ने जन वितरण प्रणाली की नई व्यवस्था वन नेशन वन कार्ड योजना (One Nation One Card Scheme) में लाभार्थियों को एक सहूलियत दी है. जिसके मुताबिक अब अगर लाभार्थियों के पास पुराना राशन कार्ड है तो उन्हें नया राशन कार्ड नहीं बनवाना पड़ेगा. देश के किसी भी हिस्से में राशन उन्हें पुराने राशन कार्ड के जरिए ही मिल जाएगा. केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वन नेशन वन राशन कार्ड योजना लागू होने के बाद भी पुराना राशन कार्ड चलता रहेगा. इससे पहले ऐसा माना जा रहा था कि नई योजना में नया कार्ड बनेगा.

पुराने कार्ड से कही भी मिलेगा राशन

इस योजना के लागू होने के बाद लाभार्थी देश के किसी भी हिस्से में किसी भी राशन डीलर से अपने कार्ड पर राशन ले सकेंगे. उन्हें न तो पुराना राशन कार्ड सरेंडर करना होगा और न ही नए जगह पर राशन कार्ड बनवाना पड़ेगा.

  • राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन ऐसे करें आवेदन
    यदि आप ऑनलाइन राशन कार्ड के लिए आवेदन कर रहे हैं तो आपको इन प्रक्रियाओं से होकर गुजरना होगा:
  • सबसे पहले अपने राज्‍य के खाद्य और रसद विभाग के ऑफिशियल वेबसाइट को जाना पड़ेगा.
    यहां पर आपको अपनी भाषा का चुना करना होगा.
  • इसके बाद कुछ पर्सनल जानकारी जैसे डिस्ट्रिक का नाम, क्षेत्र का नाम, कस्‍बा, ग्राम पंचायत के बारे में बताना होगा.
  • अब आगे आपको कार्ड का प्रकार (APL/BPL/Antodaya) चुनना होगा.
  •  जैसे ही आप आगे बढ़ेंगे आपसे कई जानकारी मांगी जाएगी जैसे कि आपकी परिवार के मुखिया का नाम, आधार कार्ड नंबर, वोटर आईटी, बैंक खाता नंबर, मोबाइल नंबर आदि.
    सारी जानकारी भरने के बाद अंत में आपको सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा, साथ ही इसका एक प्रिंट आपको अपने पास रखना होगा.

यूपी, बिहार में 1 जून से योजना लागू
उपभोक्ताओं के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश और बिहार में भी एक जून से ही इस योजना को लागू करने की तैयारी है. उम्मीद है कि वहां यह जून से शुरू हो जाएगा. इसके साथ ही उत्तराखंड, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश में भी इस योजना को शुरू करने की तैयारी है. हालांकि, देश की राजधानी दिल्ली में यह योजना जून में भी शायद ही लागू हो पाए.

 

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